Touchscreen कैसे काम करता है?

By | December 17, 2020

How to work Touch Screen hindi me: आज हम रोज touch screen smartphone का इस्तेमाल करते है।

लेकिन क्या आपने ये सोचा है, की ये touch screen काम कैसे करता है।

इस टच स्क्रीन में क्या खास बात होती है

जिससे ये टच करने पर काम करता है। यदि आप भी ये जानना चाहते है

की ये टच स्क्रीन टेक्नोलॉजी कैसे काम करता है, आप सही जगह पर आये है।

क्योकि आज मै ऐसी के बारे में बात करने वाला हु की ये टच स्क्रीन टेक्नोलॉजी क्या है? touch screen technology कैसे काम करता है?

और साथ ही touch screen के बारे में सारी जानकारी आज मै आपको इस पोस्ट के माध्यम से देने वाला हु।

तो नमस्कार मेरा नाम है अतुल, और आप सभी लोगो का मेरे ब्लॉग जुगाड़े में स्वागत है।

तो आज मै बात करने वाला हु की ये touch screen kaise kaam karta hai hindi me?

आज से कुछ ही सालो पहले टच स्क्रीन टेक्नोलॉजी के बारे में कोई भी नहीं जनता था लेकिन,

लेकिन कुछ ही सालो में technology में इतना तेजी से विकाश हुआ

की आज हमें हर जगह touchscreen technology देखने को मिल जाता है,

यहाँ तक की आपको टीवी और घणी जैसे device में भी आपकी देखने को मिल जाता है।

और जो लोगो को बहुत ज्यादा पसंद भी है क्योकि touchscreen के द्वारा कार्य करना बहुत ही आसान होता है।

what is touch screen in hindi.

Touchscreen क्या है ?(what is touchscreen?)


टचस्क्रीन एक electronic visual display होता है। जिसको यूजर अपने अंगुलियों के मदद से कण्ट्रोल करता है।

अगर आसान भाषा में समझा जाय तो वो स्क्रीन जो छूने से कार्य करने लगे,

और किसी कार्य को करने के लिए किसी बटन का उपयोग न किया जाता हो, केवल उस छू कर कार्य किया जाता हो उसे हम touch screen कहते है।

आज touch screen का उपयोग इतना ज्यादा बढ़ गया है की आजकल mobile ,laptop , tablet , watch हर जगह touch screen का ही उपयोग किया जा रहा है।

जो आपके मोबाइल या अन्य डिवाइस के ऊपर लगा होता है।

जिसके माध्यम से आप अपने mobile के स्क्रीन को केवल छूने से ही कार्य कर सकते है।

जब भी किसी mobile user या touch screen users को कोई चीज या वस्तु के बारे में जानना होता है

तो वो उस जगह पर टच करता है जिससे वहा पर pressor बनता है,

और वो device उस प्रेसर के हिसाब से कार्य करता है।

पहले हमें किसी भी डिवाइस को कण्ट्रोल करने के लिए हमे एक खास तरह का कीपैड या कीबोर्ड की जरूरत होती थी।

लेकिन आज समय के साथ -साथ सब कुछ बदल गया ह।

लेकिन ऐसा नहीं है की लोग पूरी तरह से touch screen पर निर्भर हो गए है। ऐसा नहीं है,

आज भी लोग कीबोर्ड या बटन का उपयोग करके अपने डिवाइस को कण्ट्रोल करते है।

E.A. Johnason ने सबसे पहले 1960 में touch screen के बारे में अपने बिचार दुनिया के सामने रखा था।

जिसके बाद बहुत से वैज्ञानिको ने इस बात पर गौर किया और इस पर कई एक्सपेरिमेंट भी किये।

जिसके बाद सं 1970 में Feank Back और Bent Stumpe ने सबसे पहले touchscreen technology को lounch किया गया।

तो आपको अब पता चल गया होगा की touchscreen technology का अविष्कार किसने किया था ,और कब किया था?

पहले के लोगो का कहना है की जब 1970 में touch screen का अविष्कार किया गया था

तो उस समय उसकी screen capacitive ,screen type की थी जो आज हम अपने smartphone में इस्तेमाल कर रहे है।

उसके बाद लगातार touchscreen में धीरे – धीरे विकाश होने लगा।

जिसमे हाल ही में advance touch screen technology का इस्तेमाल बहुत ज्यादा किया जा रहा है।

Touchscreen कैसे काम करता है?(How to work Touch Screen hindi me)

Screentouch technology का उपयोग आज हर जगह किया जाने लगा है।

ये टच स्क्रीन भी कई प्रकार का होता है जैसे में resistive , Infrared ,capacitive और surface wave आदि।

लेकिन इनमे से दो ही टच स्क्रीन का उपयोग smartphone में किया जाता है जैसे में resistive और capacitive है।

और बाकि टच स्क्रीन अन्य डिवाइस में उपयोग किये जाते है।

मोबाइल में उपयोग होने वाले स्क्रीन के बारे में :-


Resistive Screen:- इसके नाम से ही आपको ये समझ में आ गया होगा की

ये आपके टच को रोकने का काम करता है।

आपने ये फील किया होगा की जब आप अपने touch पर जोर से press करते है

तो स्क्रीन थोङी सी बैंड होती है।इस टच स्क्रीन में आपको दो Layer देखने को मिल जाते है।

जिसमे एक होता है Resistive Layer और दूसरा होता है conducting Layer

इन दोनों लेयर के बिच छोटे -छोटे dots मौजूद होते है।

इन्ही डॉट्स के कारण ये Layer एक दूसरे से दूर रहते है, और एक साथ चिपकते नहीं है।

Resistive Screen की ऊपरी परत बेहद फ्लेक्सिबल (flexible) होती है। जिसको पॉलीथिन से बनाया गया होता है।

और उसके निचे की परत यानि की conducting Layer बहुत ज्याद कठोर होती है।

जिसको ग्लास यानि की कांच से बनाया गया होता है।

इन दोनों लेयर को insulative dots के माध्यम से touchScreen controler से एक दूसरे से जोङा जाता है।

conducting Layer में electric current बहता रहता है।

जब हम सबसे ऊपरी परत पर touch करते है। तो Resistive Layer के जिस जगह पर ज्यादा जोर पङता है,

वो जगह conducting Layer केसाथ जाकर मिल जाता है,

और फिर उस जगह इलेक्ट्रिक करेंट में बदलाव आता है जिससे ये पता चलता है की टच कहा पर हुआ है।

उसके बाद उस क्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कंट्रोलर को भेजा जाता है।

तब उसके बाद जाकर ये touchScreen प्रक्रिया काम करता है।

पुराने फ़ोन में Resistive TouchScreen का उपयोग किया जाता था।

ये touchScreen technology उस समय की सबसे बेहतरीन technology हुआ करती थी।

लेकिन ये बहुत धीमा काम करता था।

लेकिन आज भी इस technology का इस्तेमाल किया जाता है वो है ATM मशीन में।

आप उसे जाकर देख सकते है की कितना slow work करता है।

इस touchScreen के ऊपर एक protective सीट लगा हुआ रहता है

जिससे ये बाहरी tamprechar से प्रभावित नहीं होती है। और ये सुरक्षित रहती है।

Capacitive Screen :- Capacitive Screen एक ऐसे पदार्थ से बना होता है जो की electric charging को stor करता है।

Capacitive Screen ये touchScreen किसी भी व्यक्ति के अंदर उत्पन्न होने वाली electricity को महशुश करता है।

ये ऊपर से ग्लास और अंदर से conductive मैटेरियल की बानी होती है।

जब भी हम डिवाइस के Screen पर touch करते है।

तो हमारी अंगुली से एक छोटी सी मात्रा से एक चार्ज उस point पर जेनरेट होता है।

पैनल के चारो और Control panel लगे होते है ,

जो electric चार्ज में होने वाले परिवर्तन के अनुशार कार्य करते है।

Capacitive touchScreen केवल अंगुलियों के टच से ही कार्य करता है।

यदि हम अपने हाथ में कुछ और जैसे प्लास्टिक या कपङे पहन कर टच करेंगे तो वो काम नहीं करेगा।

क्योकि हमारे अंगुली से इलेक्ट्रिक चार्ज निकालता है।

आजकल मार्केट में बहुत से tools उपलब्ध है जिनकी मदद से आप अपने मोबाइल को चला सकते है।

जैसे में एक है स्टलेस डिवाइस होती है जो देखने में एक पेन की तरह होती है।

जिससे आप अपने मोबाइल को चला सकते है।

क्योकि वो डिवाइस कंडक्टिव मैटेरियल्स से बना होता है।

आज के समय में सभी mobile और अन्य device में Capacitive Screen का उपयोग बहुत ज्यादा किया जा रहा है।

क्योकि ये स्क्रीन Resistive Screen के मुकाबले तेज और बेहतर होते है।

तो अब हम उम्मीद करते है की अब आपको How to work Touch Screen hindi me समझ में आ गया होगा।

Resistive Screen और Capacitive Screen के बिच में क्या अंतर् होता है। (Resistive Screen VS Capacitive Screen )


हमने ऊपर ही थोङा इन दोनों के बार में जान चुके है जिसमे Resistive Screen मकाबले Capacitive Screen बेहतर और fast कार्य करता है।

Resistive Screen हमारे touch को रिसेस्ट करते है।

Resistive Screen वाले device पर काम करने के लिए हमें उस स्क्रीन पर थोङा जोर देना होते है

तब जाकर वे काम करते है।

जबकि वही Capacitive Screen को इस प्रकार से desige किया गया है की बस हमारे टच करने से ही वो हमारे कार्य को करने लगता है।
वो भी बिना किसी दबाव के।

Capacitive Screen, Resistive Screen की तुलना में काफी तेजी से कार्य को करते है।

यही कारण है की आज के समय में हर जगह Capacitive TouchScreen technology का इस्तेमाल किया जाता है।

जबकि वही पर Resistive Screen का इस्तेमाल ATM मशीन और सुपर मार्केट में किया जाता है

जहा online bill pay करने के लिए electronic signecher की सुबिधा प्रदान किया जाता है।

हमने क्या जाना :


How to work Touch Screen hindi me: दोस्तों हमने इस पोस्ट के माध्यम से आपके कुछ सवालों के जवाब दिए है जैसे

टचस्क्रीन क्या है और कैसे काम करता है ?, Touchscreen कितने प्रकार के होते है , Touchscreen के अंदर क्या होता है

और मोबाइल में कौन सा touch Screen का उपयोग किया जाता है और क्यों किया जाता है

साथ ही हमने ये भी बताया की Resistive Screen और Capacitive Screen के बिच में क्या अंतर् होता है?

तो हम उम्मीद करते है की आपको ये टचस्क्रीन कैसे काम करता है?(How to work Touch Screen hindi me) पोस्ट पसंद आया होगा।

यदि आपको इससे सम्बंधित कोई Question करना है तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है। और आपको किस topic पर जानकरी चाहिए लिखना मत भूलियेगा।

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