satelight क्या है और कैसे काम करता है?

By | December 14, 2020

हैल्लो दोस्तो एक बार फिर से आपका Zugade है आज हम बात करेंगे की satelight kya hai?
सेटेलाइट कैसे काम करता हैं?

और इसकी पूरी जानकारी आपने इनके बारे में कई बार जानने की कोशिश जरूर की होगी. की सेटेलाइट क्या होता है,

ये हवा में कैसे टीके रहते है? लेकिन क्या आप जानते है कि दैनिक जीवन मे आप जितने भी काम करते है

उनमें से बहुत से कम ऐसे है जो किसी न किसी सेटेलाइट पर निर्भर है ,

फिर चाहे आप TV देख रहे हो या फिर TV पर मौषम का हाल देख रहे हो।


अपने मोबाइल में GPS नेविगेशन का इस्तेमाल कर रहे हो

या फिर अपने दोस्त या घर वालो को विदेश में बात कर रहे हो तो ये सब काम किसी न किसी सेटेलाइट के भरोशे ही हो रहा है।

satelight kya hai?

Satellight क्या है?

satelight kya hota hai: अगर इसे आसानी से समझे तो ये एक छोटा ऑब्जेक्ट जो अपने से कही बङे ऑब्जेक्ट अंतरिक्ष के चारो तरफ अंतरिक्ष मे चक्कर लगा रहा है

वो सेटेलाइट कहलाता है , जिशे हम हिंदी में उपग्रह कहते है।

इस हिसाब से हमारे पृथ्वी में चारो ओर चक्कर लगाने वाला चन्द्रमा भी एक प्रकार का सेटेलाइट है

लेकिन ये एक प्राकृतिक सेटेलाइट या उपग्रह है जो इंसान के हिसाब से नही चलता है ,

लेकिन ऐसी से प्रेरणा लेकर इंसान ने खुद की सेटेलाइट बनाकर उसे पृथ्वी के कक्षा में छोङ दिए है ,

जो हम इंसान के लिए बहुत बनी भूमिका निभा रहे है। 

आपको बता दे कि मानव द्वारा निर्मित ये सेटेलाइट एक छोटे से tv के आकार से लेकर एक ट्रक के बराबर भी हो सकती है

यहां इनकी साइज इनके कार्य पर निर्भर करती है, सेटेलाइट के दोनों तरफ सोलरपैनल लगे होते है

जिससे इनको ऊर्जा यानी कि ऊर्जा मिलती रहती है ,वही इनके बीच मे ट्रांसमीटर और रिसीवर लगे होते है

जो सिग्नल को रिसीव या भेजने का कार्य करते है इसके अलावा इसमे कुछ कंट्रोल मोटर लगे होते है

जिसकी मदद से हम सेटेलाइट को रिमोटली कंट्रोल कर सकते है।


इनकी स्थिति को चेंज करना हो या स्थिति चेंज करना हो सभी इन कंट्रोल मोटर के जरिये कर सकते है ,

इसके अलावा सेटेलाइट को किस काम के लिए बनाया गया है

वो ऑब्जेक्ट आपको सेटेलाइट में देखने को मिल जाते है

जैसे उपग्रह को पृथ्वी का इमेज लेने के लिए बनाया गया है

तो सेटेलाइट में बङे बङे कैमरे भी लगे होते है

या इसके अलावा सेटेलाइट के स्कैनिंग के लिए बनाया गया है

तो इसमे बहुत सारे स्कैनर लगे होते है ये सब सेटेलाइट के कार्य पर निर्भर करता है।


मुख्यतः उपग्रह को कॉम्युनिकेशन के लिए हम काम मे लेते है 

क्योकि रेडियो और ग्रोउंडवेब धरती के पूरी कॉम्युनिकेशन में काम नही आ सकते है

इसलिए ज्यादातर सेटेलाइट कॉम्युनिकेशन के लिए बनाए जाते है।

तो अब आपको समझ में आ गया होगा की satelight kya hai?

Satellite कैसे काम करता है? 

अब आपके मन मे सबसे पहले ये सवाल जरूर आया होगा कि सेटेलाइट ऊपर कैसे टीके रहते है ?

ये तो आप जान गए होंगे कि satelight kya hai?

लेकिन यहां पे सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही आता है कि सेटेलाइट ऊपर हवा में कैसे टिके रहते है

ये धरती पर गिरते क्यो नही है तो इसके लिए बहुत सिंपल नियम है

जैसे अगर किसी चीज को अंतरिक्ष मे रहना है

तो उसे अपने गति से किसी ऑब्जेक्ट का चक्कर लगाना होगा,.

इनकी स्पीड पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल को अपने ऊपर हावी नही होने देता है

तो इस नियम के चलते ही सारे उपग्रह हवा में टीके रहते है।

जैसे कि आप कोई एक रस्सी थोङी मजबूत हो उसमे कोई एक छोटी सी चीज बांध दे

और उसे अपने हाथ से घुमाए कभी आप अपने जीवन मे ऐसा किया होगा

तो ऐसा क्यों नही हो जाता कि वो चीज आपके हाथ मे टकरा जाए कभी आपने ऐसा सोचा था

कि वो क्यो नही आपके हाथों से टकरा जाए। 

वो इस लिए नही टकराता है कि जितनी तेज से आप उसे अपनि ओर खिंचते है

उतनी ही तेज से उस चीज को बाहर से भी उस चीज को खिंचता है

दोनों ओर से बराबर बल लगता है इसलिए वो चीज आपके हाथों से नही टकराता है

और जितनी तेजी से दोनों ओर बल लगेगा उतनी ही तेज से वो चीज आपके हाथों के चारो-ओर चक्कर लगाएगा।

यदि जिधर से ज्यादा बल लगेगा उधर ही वो चीज चला जायेगा , 

ठीक उसी प्रकार Satellite हवा में टिक कर पृथ्वी के चारो-ओर चक्कर लगाता है।

सेटेलाइट को तीन कटेगरी में बांटा गया है.।

satelight kya hai?

Low Earth Orbit Satellite:- 

ये उपग्रह पृथ्वी के बहुत ही पास रहते है इनकी पृथ्वी से उचाई 160 से 1600 KM होता है

ये काफी तेज गति से पृथ्वी के चक्कर लगाते है

इसलिए ये दिन में पृथ्वी के कई बार चक्कर लगा लेते है

,ऐसे में इन्हें धरती को स्कैन करने में बहुत कम समय लगता है

इसका ज्यादातर उपयोग पृथ्वी के स्कैन और इमेजेज के लिए किया जाता है।

Medium Earth Orbit Satellite:-

ये वो उपग्रह होते है जो बहुत तेजी से या बहुत धीरे चक्कर नही लगाते है

लगभग 12 घंटे में पृथ्वी का एक चक्कर पूरा कर लेते है

aur उपग्रह किसी निश्चित जगह से निश्चित समय पर गुजरते है

इनकी ऊँचाई 10,000 Km से 20,000 Km तक होती है।

इनका उपयोग नवीकेशन के लिए किया जाता है

High Earth Orbit Satellite:-

ये वो उपग्रह होते है जो धरती से बहुत दूर यानी करीब 36,000 Km की दूरी पर होते है

ये उपग्रह पृथ्वी से स्पीड के साथ पृथ्वी का चक्कर लगाते है यानी कि ये उपग्रह ठीक आपके ऊपर है

तो हमेशा आपके ऊपर ही रहेगा इन उपग्रहों का उपयोग कॉम्युनिकेशन के लिए किया जाता है

अब आप जान गए होंगे कि satellite क्या है? या क्या होता है इस पोस्ट से आपको satellite से काफी बहुत जानकारी मिल गयी होंगी।

हमारी भारती अंतरिक्ष एजेंसीय ISRO की बात करे तो हर साल नई-नई  कामयाबियो को छू रही है,

आपको जानकर हैरानी होगी कि भारती अंतरिक्ष एजेंसीय अब तक करीब 100 satellite अंतरिक्ष में भेज चुकी है।


और Zugade.com की तरफ से satelight kya hai के बारे में जानकारी कैसी लगी जरूर बताएं, और दोस्तो के साथ इस जानकारी को शेयर करना न भूलियेगा यदि आप हमसे कुछ Question पूछना चाहते है तो पूछ सकते है।
                           ★धन्यवाद★

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